पारिवारिक सफलता के सूत्र | Family Wisdom PDF Download Free in Hindi By Robin Sharma

पुस्तक का विवरण (Description of Book of पारिवारिक सफलता के सूत्र PDF | Family Wisdom PDF Download) :-

नाम 📖पारिवारिक सफलता के सूत्र PDF | Family Wisdom PDF Download
लेखक 🖊️
आकार 1.8 MB
कुल पृष्ठ168
भाषाHindi
श्रेणी, ,
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"पारिवारिक सफलता के सूत्र" किताब भविष्य के लिए मजबूत नेता बनने के लिए बच्चों को पालने के महत्व का प्रचार करती है। पुस्तक सभी चीजों में आनंद और सुंदरता की तलाश के महत्व पर भी ध्यान केंद्रित करती है। संतुलन एक अन्य महत्वपूर्ण कारक है जिस पर पुस्तक प्रकाश डालती है। जीवन में संतुलित मानसिकता और दृष्टिकोण रखने के महत्व को पुस्तक में विस्तार से वर्णित किया गया है। फैमिली विजडम के नायक जूलियन मेंटल हैं, जिन्होंने एक साधु बनने के लिए एक वकील के उच्च शक्ति वाले और ग्लैमरस जीवन को छोड़ दिया। इस यात्रा के माध्यम से मेंटल लेता है कि पुस्तक आम आदमी को जीवन के विभिन्न पहलुओं पर शिक्षित करने का प्रयास करती है, जिसे पहले अनदेखा या महत्वहीन माना जाता है, जो हमें और हमारे बच्चों को एक सुखी और पूर्ण जीवन के लिए प्रेरित कर सकता है। पुस्तक नेतृत्व के पांच स्तंभों या महारत पर चर्चा करती है, जो बच्चों को उनकी छिपी क्षमता का एहसास करने और उनके जीवन के शुरुआती चरणों में भी सफलता प्राप्त करने में मदद कर सकती है। लेखक उस विधि का वर्णन करता है जिसके द्वारा कोई अपने बच्चे को अपने खोल से बाहर निकलने में मदद कर सकता है और स्वयं को मजबूत और आत्मविश्वासी व्यक्ति बनने के अपने तरीके को साकार कर सकता है।

पुस्तक का कुछ अंश

हम आमतौर पर वह बनने से घबराते हैं जिसकी झलक हम अपने सबसे बेहतरीन पलों में देख सकते हैं। - अब्राहम मैसलो
जीवन का सर्वाधिक दुख:द पहलू मृत्यु को प्राप्त होने में नहीं है अपितु हमारे जीवित रहते हुए हम सचमुच जी पाने में असफल रहते हैं, इसमें है। हममें से न जाने कितने लोग अपने जीवन में छोटे बनकर ही रह जाते हैं, हम अपने मनुष्यत्व की संपूर्णता को सुबह की पहली किरण भी देखने नहीं देते। मैंने अंत में सीखा है कि जीवन में जो सबसे मूल्यवान है वह यह नहीं कि उसके पास कितने खिलौने हैं अथवा हमने कितना धन इकट्ठा किया है, बल्कि वह यह है कि हमने अपने बीच प्रतिभाओं में से कितने को मुक्त किया और ऐसे प्रयोजनों के लिए उनका उपयोग किया जिससे विश्व का मूल्यवर्धन हुआ हो। जो सर्वाधिक सच है वह यह है कि हमने कितनी जिंदगियों को स्पर्श किया और हम विरासत में क्या छोड़कर जा रहे हैं। टॉल्स्टॉय बड़ी खूबसूरती से इसे अपने शब्दों में व्यक्त करते हैं: हम अपने लिए तभी जी पाते हैं जब हम औरों के लिए जीते हैं।
बुद्धिमत्ता की इस सामान्य सी बात को समझने में मुझे पूरे चालीस वर्ष लगे लंबे चालीस वर्ष यह पता करने में लगे कि वास्तव में सफलता का अनुसरण नहीं किया जा सकता सफलता परिणामस्वरूप है और औरों के जीवन को समृद्ध बनाने में व्यतीत हुई आपकी जिंदगी के अनायास लेकिन अपरिहार्य बायप्रोडक्ट के रूप में आपके जीवन में प्रवाहित होती है। जब आपका फोकस जीवन की प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए जीते रहने की अनिवायर्ता से हटता है, तब आपका अस्तित्व सफलताओं के थपेड़ों से झूम उठता है।

"जिंदगी अवसरों के झरोखों की शृंखला, जो पूरी तरह गूंथे जाने पर पूर्णता को प्राप्त होती है, मेरे बुद्धिमान पिताजी कहा करते थे। मेरे पास इतनी सामान्य समझ और दिमाग था जो मैं अच्छी तरह समझती थी कि पोर्टर और सरिता अभी मासूम थे और मेरी सर्वाधिक जरूरत उन्हें अभी थी। यदि एक बार यह अवसर हाथ से गया तो मैं अपने बच्चों में मूल्य प्रतिष्ठित करने, उन्हें अच्छे गुणों से संपन्न करने और बड़े होने पर उन्हें वैभवशाली जीवन व्यतीत करने के लिए उनमें दृष्टी पैदा करने का मौका हमेशा के लिए गंवा दूंगी और मैं जानती थी, मैं अपने आपको कभी माफ़ न कर सकी क्योंकि जब मेरे बच्चों को मेरी सबसे अधिक जरूरत थी तब मैं उनके पास न रह सकी। मेरा अनुमान है कि मुझमें इतना साहस ही नहीं था कि मैं अपनी अव्यवस्थित जिंदगी को छोड़ पाती और अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं पर सच में ही ध्यान दे पाती और न ही मुझमें इतनी बुद्धिमानी थी कि मैं अपनी प्राथमिकताओं को अपनी दिनचर्या में ही स्थान दे पाती।
भले ही मैंने कितनी भी कोशिशें कर ली हों लेकिन मैं अपने आपको जीवन में तीव्र गति से बढ़ने से रोकने में नाकामयाब रही और अपने जीवन में संतुलन नहीं बना पाई। मैंने सच में ही महसूस किया कि मैं भागमभागवाली जिंदगी और मेरी कार्य-सूची की सीमा से बाहर जा रही मदों से मिलनेवाली संतुष्टि के बिना जी ही नहीं सकती। मैं सबके सामने इस सच्चाई को स्वीकार करती हूँ कि मेरा परिवार जिस बात के लिए वास्तव में गिना जाता था, तथ्य उसके सर्वथा विपरीत थे। सभी सबूतों से यही पता चलता है कि मेरा कैरिअर और धनाढ्य बनने की मेरी इच्छा सर्वोपरि थी, जॉन और बच्चे तो बहुत बाद में आते थे।

अधिकांश लोग वास्तव में ही पता नहीं लगा पाते कि जिंदगी क्या चीज है जब तक उनकी मृत्यु उनके दरवाजे पर दस्तक देने नहीं आ जाती। जब उन्हें अपनी नश्वरता का पता चलता है, तब वे जिंदगी के अर्थ की गहराई में उतर पाते हैं और उन्हें पता चलता है कि उन्होंने कितना कुछ अब तक गवां दिया है। जिंदगी इस तरह से बहुत क्रूर हो सकती है। इसके उपहार अधिकांशतया सामने नहीं आ पाते जब तक अंत समय न आ जाए। जब हम अपनी युवावस्था में होते हैं और हमारे सामने जीने के लिए पूरी जिंदगी पड़ी होती है हम अपने जीने को बाद में देखेंगे कहकर टालने में लग जाते हैं। अगले वर्ष मैं प्रकृति में अपना अधिक समय बिताऊंगा या खूब हसूंगा या खूब प्यार करूंगा अगले वर्ष मैं अपने बच्चों के साथ अधिक समय गुज़ारूँगा और साहित्य की उत्कृष्ट रचनाएं पढूंगा अगले वर्ष मैं अधिक से अधिक सूर्यास्त देखूंगा और अच्छे मित्र बनाऊंगा। लेकिन फिलहाल तो मुझे बहुत सारे काम करने हैं और पता नहीं कितने लोगों से मुलाकातें करनी हैं। ये सब आज जिस युग में हम जी रहे हैं उस युग के मानक टाल-मटोल बहाने हैं। बहुत अच्छे लेकिन मैं जो जानती हूँ वह यह है कि यदि आप जीवन में सक्रिय नहीं होते तो जीवन में एक विशेष आदत है वह आप पर हावी हो जाता है। और दिन बढ़कर सप्ताह बन जाते हैं, सप्ताह बढ़कर महीने बन जाते हैं और महीने बढ़कर वर्ष बन जाते हैं और फिर एक दिन आपको पता भी नहीं होगा और जीवन का अंत ही आ जाएगा। बुद्धिमत्ता की बात सपष्ट रूप से यही है कि अपनी जिंदगी को डिफाल्ट में रखकर न जिएं बल्कि अपनी जिंदगी को अपनी मर्जी की डिजाइन से जिएं। जिंदगी फिर से शुरू करें और ठोस वास्तविकता को मूर्त रूप देने का काम करना प्रारंभ करें जो आपका मन जानता है, जो आपका निमित्त है। आजसे आप अपनी जिंदगी ऐसे जीना प्रारंभ करें जो आप मृत्यु शैय्या पर होने के समय जीने की सोचते अथवा अगर हम से मुहावरे में कहना चाहें तो मार्क ट्वेन के शब्दों में "अपना जीवन आप ऐसे जिए कि आपकी मृत्यु पर महाब्राह्मण (मृत्यु संस्कार करनेवाला) भी आंसू बहाए। "

यह जगत, जिसमें हम सभी रहते हैं, बिल्कुल ही अलबेला है। हम मिसाइल का प्रक्षेपण इतनी शुद्धता से कर सकते हैं कि वह विश्व के किसी भी कोने में अचूक निशाने पर मार कर सकती है, लेकिन हमारे पांव अपने नए पड़ोसी से मिलने के लिए गली में नहीं निकल पाते हमें अपना अधिकांश समय टेलीविजन देखने में गवांना मंजूर है, लेकिन अपने बच्चों के साथ बैठकर बातें करना और उनसे जुड़ना मंजूर नहीं। हम यह जरूर कहते हैं कि हमें संसार को बदलने की जरूरत है, लेकिन हम खुद को बदलने को तैयार नहीं होते। और जब हमारे जीवन का सूर्यास्त होता है और हम जब अपने बीते हुए दिनों की समीक्षा करने लगते हैं, हम खुशियों की एक झलक देख पाते हैं जो हमारे अनुभव का हिस्सा हो सकता था, हम पाते हैं कि हममें दयालुता भी हो सकती थी या हम भी एक अच्छा इंसान हो सकते थे। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। जब तक हममें से अधिकांश को होश आता है, तब तक तो चिरशांति में विलीन हो जाने की बारी आ जाती है। मेरी तकदीर अच्छी थी जो मैं जल्द ही इस बात को समझ गई थी।

हमने पारिवारिक सफलता के सूत्र PDF | Family Wisdom PDF Book Free में डाउनलोड करने के लिए लिंक निचे दिया है , जहाँ से आप आसानी से PDF अपने मोबाइल और कंप्यूटर में Save कर सकते है। इस क़िताब का साइज 1.8 MB है और कुल पेजों की संख्या 168 है। इस PDF की भाषा हिंदी है। इस पुस्तक के लेखक   रोबिन शर्मा / Robin Sharma   हैं। यह बिलकुल मुफ्त है और आपको इसे डाउनलोड करने के लिए कोई भी चार्ज नहीं देना होगा। यह किताब PDF में अच्छी quality में है जिससे आपको पढ़ने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। आशा करते है कि आपको हमारी यह कोशिश पसंद आएगी और आप अपने परिवार और दोस्तों के साथ पारिवारिक सफलता के सूत्र PDF | Family Wisdom को जरूर शेयर करेंगे। धन्यवाद।।
Q. पारिवारिक सफलता के सूत्र PDF | Family Wisdom किताब के लेखक कौन है?
Answer.   रोबिन शर्मा / Robin Sharma  
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