भारत मे देवी का स्वरूप / Bharat Mein Devi Ka Swarup by Devdatt Patnayak Download Free PDF

“भारत के हर प्रान्त, हर कस्बे और यहाँ तक कि हर गाँव में अलग-अलग देवी पूजी जाती हंै और प्रत्येक का अपना अलग रूप, स्वरूप और विशेषता है। प्राचीन हिन्दू पौराणिक कहानियों और किंवदंतियों के शोध पर आधारित इस पुस्तक में लेखक देवदत्त पट्टनायक खोजबीन कर रहे हैं कि पिछले चार हज़ार वर्षों में देवी की अवधारणा कैसे बदली है।

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99 गणेश संकल्पनाएँ / 99 Thoughts on Ganesha by Devdatt Patnayak Download Free PDF

भारत के प्रिय हाथी के सिर वाले देवता की कहानियाँ, प्रतीक और अनुष्ठान क्रिकेट के खेल में, 99 रन बनाने के बाद, जब कोई बल्लेबाज उस प्रतिष्ठित शतक की दहलीज पर खड़ा होता है, तो वह उस क्षण का अनुभव करता है जो गणेश से जुड़ा होता है। डर और अनिश्चितता ने उसे लिफाफा दिया; उसके और उसकी उपलब्धि के

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श्रीमद्भागवत गीता / Shrimad Bhagwat Gita Sadhak Sanjeevani (Sanskrit-Hindi) by Swami Ramsukhdas Maharajji Download Free PDF

परम श्रद्धेय स्वामी श्री रामसुखदास जी महाराज ने गीतोक्त जीवन की प्रयोगशाला से दीर्घकालीन अनुसंधान द्वारा अनन्त रत्नों का प्रकाश इस टीका में उतार कर लोक-कल्याणार्थ प्रस्तुत किया है, जिससे आत्मकल्याणकामी साधक साधना के चरमोत्कर्ष को आसानी से प्राप्त कर आत्मलाभ कर सकें। इस टीका में स्वामी जी की व्याख्या एक विद्वत्ता-प्रदर्शन की न होकर अपितु सहज करुणा से साधकों

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गीता ज्ञान / Gita Gyan

दुर्योधन ने अगर श्रीकृष्ण को युद्ध के मैदान में सारथी के रूप में माँगा होता तो क्या आज जो गीता बनी है; वह वैसी ही रहती? नहीं; गीता बदल जाती। वह गीता श्रीकृष्ण और दुर्योधन के बीच हुए वार्त्तालाप पर आधारित होती।यदि दुर्योधन की गीता बन जाती; उसके अठारह अध्याय बन जाते तो आज कितने लोगों को लाभ हो रहा

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भगवान एक खोज / Bhagwan Ek Khoj / In Search of God

यह एक किताब है- जो भगवान है, के बारे में मौजूद है या नहीं, भगवान ने हमें क्यों बनाया, भगवान का न्याय, वह हमारे लिए दयालु है या नहीं, पाप और पुण्य कर्म क्या हैं। यह पुस्तक पूरी तरह से “ईश्वर की खोज” पर आधारित है. भगवान् कौन है?भगवान् कौन है, कँहा रहता है, वो कैसे इस दुनिया को चलाता है

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असुर / Asur: Parajiton Ki Gatha, Ravan Va Uski Praja Ki Kahani by Anand Neelkanthan

नंबर 1 राष्ट्रीय बेस्टसेलर रहे अंग्रेज़ी उपन्यास के इस हिन्दी अनुवाद में लंकापति रावण व उसकी प्रजा की कहानी सुनाई गई है। यह गाथा है जय और पराजय की, असुरों के दमन की — एक ऐसी कहानी की जिसे भारत के दमित व शोषित जातिच्युत 3000 वर्षों से सँजोते आ रहे हैं। रामायण के उलट, रावणायन की कथा अब तक

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महिषासुर : एक जननायक Mahishasur: Ek Jannayak

शक्ति के विविध रूपों, यथा योग्यता, बल, पराक्रम, सामर्थ्य व ऊर्जा की पूजा सभ्यता के आदिकाल से होती रही है, न केवल भारत में, बल्कि दुनिया के तमाम इलाकों में। दुनिया की पूरी मिथॉलॉजी शक्ति के प्रतीक देवी-देवताओं के तानों-बानों से ही बुनी गई है। आज भी शक्ति का महत्व निर्विवाद है। अमेरिका की दादागिरी पूरी दुनिया में चल रही

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महिषासुर : मिथक और परंपराएं / Mahishasur: Mithak aur Paramparayen

जिस समय हमारी ट्रेन महोबा स्टेशन पर लगी, उस समय तक रात गहरी हो चुकी थी। दिल्ली तो आठों पहर जागती रहती है। हम दिल्ली से 600 किलोमीटर दूर थे। सांस्कृतिक इतिहास के समृद्धतम शिखर पर बैठे उस बुंदेलखंड में, जो आज भूख और प्यास से तड़पते क्षेत्र के रूप में जाना जाता है। इस ओर का रुख हमारी पत्रकार

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