दौलत आयी मौत लायी / Daulat aayi maut lai by James Hadley Chase Download Free PDF

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नोटों से भरा भारी थैला उठाये सैमी घिसट-घिसटकर चल रहा था। वर्षा की हल्की-हल्की बूंदों से उसका काला चेहरा तर हो रहा था। सैमी ऊंचे कद का, लगभग तीस वर्ष की उम्र का एक हृष्टपुष्ट नीयो था। उसके चौड़े कंधे, भारी-भारी मजबूत हाथ-पैरों को देखकर, कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था कि ऊपर से इतना हृष्ट-पुष्ट, मजबूत किस्म का दिखने वाला यह व्यक्ति, अंदर से चूहे के मानिंद डरपोक किस्म का व्यक्ति होगा।
उसके कंधे पर लदे भहे थैले में उस समय करीब-करीब साठ हजार डॉलर के नोट रखे हुए थे और इसी भारी रकम के कारण उसका दम खुश्क हुआ जा रहा था। उसकी बड़ी-बड़ी आंखों से डर साफ-साफ परिलक्षित हो रहा था क्योंकि पूरा शहर इस तथ्य से भली-भांति परिवित था| आज शुक्रवार का दिन जो था।
हरेक शुक्रवार को उसे चार घंटे का सफर, निरंतर पैदल ही तय करना पड़ता था। इन चार घंटों में वह विभिन्न बार, न्यूज स्टैंड्स तथा मशीन द्वारा जुआ खिलाने वाले आदमियों से रकम इकट्ठी किया करता था। इस पूरी प्रक्रिया के मध्य उसका चेहरा पसीने से तर रहता, उसे हर क्षण किसी अनिष्ट की आशंका बनी रहती कि कहीं कोई उसे गोली मारकर यह रकम न हथिया ले|
पिछले दस वर्षों से वह निरंतर इस काम को करता आ रहा था, तिस पर भी वह अभी तक भय-मुक्त नहीं हो पाया था। प्रत्येक शुक्रवार को उसकी जान सूली पर टंगी रहती थी। वह इस विंता से मुक्त नहीं हो पाया था कि ये शुक्रवार गुजर गया, पर अगले शुक्रवार को अवश्य कुछ न कुछ होकर रहेगा।’ इस पूरे अरसे के दौरान वह जोये मसीनो की ताकत पर यकीन नहीं कर पाया था कि लगभग पांच लाख की आबादी वाले इस छोटे-से शहर में कोई ऐसा सिरफिरा था, जो सैमी से नोटों का भरा थैला हथियाने का हौसला कर सकता था।
सैमी अक्सर सोचता रहता था कि जौनी वियान्डा के मौजूद रहते उसे इतना डरने की कोई वजह नहीं है। जौनी वियान्डा से तेज और अचूक निशानेबाज और कोई व्यक्ति मसीनो के गिरोह….

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