दिव्य महासंग्रह : आरती, चालीसा, स्त्रोत, मन्त्र / Divya MahaSangrah: Aarti, Chalisa, Strot, Mantra PDF Download Free Hindi Book by Raaghav Aroraa

पुस्तक का विवरण (Description of Book of दिव्य महासंग्रह : आरती, चालीसा, स्त्रोत, मन्त्र / Divya MahaSangrah: Aarti, Chalisa, Strot, Mantra PDF Download) :-

नाम 📖दिव्य महासंग्रह : आरती, चालीसा, स्त्रोत, मन्त्र / Divya MahaSangrah: Aarti, Chalisa, Strot, Mantra PDF Download
लेखक 🖊️
आकार 22.4 MB
कुल पृष्ठ195
भाषाHindi
श्रेणी,
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प्रिय भक्तजन,
आरती, मंत्र, चालीसा और स्त्रोत, ये केवल मात्र शब्द नहीं हैं, इनमें वे शक्तियां समाहित हैं जो हमारे ऋषि मुनियों ने कड़ी तपस्या और साधना से इनमें पिरोयी हैं.
ये इस बात की पुष्टि करते हैं कि शब्द ब्रह्म है. और शब्दों को जब चालीसा, आरती, मंत्र अथवा स्त्रोत के माध्यम से ईश्वर की आराधना करते हैं तो, इस का सीधा प्रभाव हम अपने मन मस्तिष्क और परिस्थितियों में महसूस करते हैं. चालीसा, आरती, भगवन नाम या फिर मन्त्रों का उच्चारण जब श्रद्धा भाव से भर कर ईश्वर को अर्पित करते हैं तो मानो साक्षात ईश्वर को ही पा लेते हैं|
उस वक़्त शरीर महसूस नहीं होता, उस वक़्त आत्मा और मन ही महसूस होता है, आरती, मंत्र, स्त्रोत और चालीसा आदि कुछ इस प्रकार का अनुभव देते है जो कालातीत है, देखा जाये तो ईश्वर के समक्ष हो कर आमने सामने बात करने का ईश्वर और भक्त के बीच बातचीत या संवाद का माध्यम है चालीसा, आरती, भगवन नाम या फिर मन्त्रों का उच्चारण|

आपके आराध्य कोई भी हों, किसी भी देवी-देवता ईष्ट देव की स्तुति या उपासना करें, ये इसकी सर्वश्रेष्ठ विधि है। आरती के दौरान आप एक विशेष विधि से अपने इष्ट आराध्य की पूजा करते हैं। ऐसा प्रातः काल और संध्या काल के समय किया ,जाता है, । मान्यता है कि आरती करने वाले ही नहीं बल्कि आरती को सुनने वाले और आरती में शामिल होने वाले पर भी ईश्वर की कृपा बरसती है। आज के कलयुग में भी मंदिरों में पूरे विधि विधान के साथ आरती की जाती है।
विशेष कर प्रसिद्ध देवी देवताओं के मंदिरों में होने वाली आरती भक्त जनों में लोकप्रिय है| देश विदेश से भक्त जान अपने इष्ट देव की आराधना के लिए मंदिरों में आते हैं |
आरती करते समय भक्त को पूर्ण समर्पण के साथ आरती करनी चाहिये, तभी उसे अपने इष्ट के समक्ष आरती करने का पुण्य प्राप्त होता है।
ध्यान रखें कि एकाकर हो कर भगवान् के समक्ष आरती करें तो आपके मन मस्तिष्क को जो पूर्णता का अनुभव होगा, वो शब्दों में नहीं बताया जा सकता , लेकिन आरती, मंत्र, चालीसा और स्त्रोत कुछ ऐसे ही माध्यम हैं जो हमें ईश्वर से जुड़ाव महसूस कराते हैं| आरती, मंत्र, चालीसा और स्त्रोत माध्यम है ईश्वर से जुड़ाव का, सानिध्य का |
इस पुस्तक को मैंने दिव्य महा संग्रह के नाम से जारी किया है|
आशा ही नहीं, पूर्ण विश्वास है की ईश्वर को पाने में ये आपकी सहायक होगी|

इस पुस्तिका में विशेष तौर पर अधिक से अधिक देवी देवताओं की आरतियां, चालीसा, मंत्र और स्त्रोत को शामिल किया है, सभी भक्त जनों के लिए ये निश्चित रूप से एक ऐसा संकलन है, जिस से वे लाभान्वित होंगे और उन्हें भौतिक और आध्यात्मिक जगत में उन्नति प्राप्त होगी|

मैं अपनी यह पुस्तक स्वर्गीय श्री परमानंद गाबा (दादाजी), स्वर्गीय शान्ति देवी (दादी जी), स्वर्गीय श्रीमती अनुराधा रानी अरोड़ा (माता जी), एवं अपने पिताजी स्वर्गीय श्री निरंजन दास अरोड़ा एवं स्वर्गीय शैलेंद्र शंकर अरोड़ा (बड़े भाई) को समर्पित करता हूं। इन सब की बदौलत ही मैं जो कुछ भी कर पा रहा हूं, वह कर पा रहा हूं। ये सभी मेरी जिंदगी का एक अटूट हिस्सा हैं और मेरे प्रेरणास्रोत हैं।

आध्यात्मिक उन्नति के लिए शुभकामनाएं,
राघव अरोड़ा

हमने दिव्य महासंग्रह : आरती, चालीसा, स्त्रोत, मन्त्र / Divya MahaSangrah: Aarti, Chalisa, Strot, Mantra PDF Book Free में डाउनलोड करने के लिए लिंक निचे दिया है , जहाँ से आप आसानी से PDF अपने मोबाइल और कंप्यूटर में Save कर सकते है। इस क़िताब का साइज 22.4 MB है और कुल पेजों की संख्या 195 है। इस PDF की भाषा हिंदी है। इस पुस्तक के लेखक   राघव अरोड़ा / Raaghav Aroraa   हैं। यह बिलकुल मुफ्त है और आपको इसे डाउनलोड करने के लिए कोई भी चार्ज नहीं देना होगा। यह किताब PDF में अच्छी quality में है जिससे आपको पढ़ने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। आशा करते है कि आपको हमारी यह कोशिश पसंद आएगी और आप अपने परिवार और दोस्तों के साथ दिव्य महासंग्रह : आरती, चालीसा, स्त्रोत, मन्त्र / Divya MahaSangrah: Aarti, Chalisa, Strot, Mantra को जरूर शेयर करेंगे। धन्यवाद।।
Q. दिव्य महासंग्रह : आरती, चालीसा, स्त्रोत, मन्त्र / Divya MahaSangrah: Aarti, Chalisa, Strot, Mantra किताब के लेखक कौन है?
Answer.   राघव अरोड़ा / Raaghav Aroraa  
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