कलाम : कुछ उलटे पन्ने / Kalam: Kuch Ulte Panne

मैं पहली बार छह: महीने पहले मिला था उस से. अख़बार डालने आता था वो हर दिन. फिर एक इतवार के रोज़ वो अख़बार के साथ साथ एक कहानी भी ले आया. मुझे सुनाने को. सुनते सुनते पता चला की वो कुछ पन्ने थे, जिन्हें वो उलटा पढ़ रहा था. एक कहानी में पिरो कर. एक कहानी जिसमें वक़्त पीछे

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