माटी की मूरतें / Maati Ki Moorten

जब कभी आप गाँव की ओर निकले होंगे; आपने देखा होगा; किसी बड़ या पीपल के पेड़ के नीचे; चबूतरे पर कुछ मूरतें रखी हैं—माटी की मूरतें! ये मूरतें—न इनमें कोई खूबसूरती है; न रंगीनी। किंतु इन कुरूप; बदशक्ल मूरतों में भी एक चीज है; शायद उस ओर हमारा ध्यान नहीं गया; वह है जिंदगी! ये माटी की ब नी

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