नित्य कर्म पूजा प्रकाश / Nitya Karma Puja Prakash Hindi PDF Download Free by Gita Press Code 592

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पुस्तक का विवरण (Description of Book) :-

नाम / Name 📥नित्य कर्म पूजा प्रकाश / Nitya Karma Puja Prakash
Author 🖊️
आकार / Size 15 MB
कुल पृष्ठ / Pages 📖382
Last UpdatedApril 16, 2022
भाषा / Language Hindi
Category,

इस पुस्तक मे व्यक्ति के लौकिक और पारलौकिक उत्थान के लिये तथा नित्य-नैमित्तिक काम्य कर्मों के सम्पादन के लिये शास्त्रीय प्रक्रिया प्रस्तुत की गयी है। प्रातःकालीन भगवत्स्मरण से लेकर स्नान, ध्यान, संध्या, जप, तर्पण, बलिवैश्वदेव, देव-पूजन, देव-स्तुति, विशिष्ट-पूजन-पद्धति, पञ्चदेव-पूजन, पार्थिव-पूजन, शालग्राम-महालक्ष्मी-पूजनकी विधि तथा अन्तमें नित्यस्मरणीय स्तोत्रों का संग्रह होने से यह पुस्तक सबके लिये उपयोगी तथा संग्रहणीय है।

पुस्तक का कुछ अंश

।। श्रीहरिः ।।

सम्पादकीय

भारतीय संस्कृति पुनर्जन्म एवं कर्म-सिद्धान्तपर आधारित है। संसारमें सर्वत्र सुख-दुःख, हानि-लाभ, जीवन-मरण, दरिद्रता-सम्पन्नता, रुग्णता-स्वस्थता और बुद्धिमत्ता अबुद्धिमत्ता आदि वैभिन्न्य स्पष्ट रूपसे दिखायी पड़ता है। पर यह वैभिन्न्य दृष्ट-कारणोंसे ही होना आवश्यक नहीं, कारण कि ऐसे बहुत सारे उदाहरण प्राप्त होते हैं, कि एक माता पिताके एक साथ जन्मे युग्म बालकोंकी शिक्षा-दीक्षा, लालन-पालन आदि समान होनेपर भी व्यक्तिगत रूपसे उनकी परिस्थितियाँ भिन्न-भिन्न होती हैं, जैसे कोई रुग्ण, कोई स्वस्थ, कोई दरिद्र तो कोई सम्पन्न, कोई अंगहीन तो कोई सर्वांग सुन्दर इत्यादि। इन बार्तोसे यह स्पष्ट है कि जन्मान्तरीय धर्माधर्मरूप अदृष्ट भी इन भोगका कारण है। अतः मानव-जन्म लेकर अपने कर्तव्यके पालन और स्व-धर्माचरणके प्रति प्रत्येक व्यक्तिको अत्यधिक सावधान होना चाहिये।

प्रत्येक मनुष्यके जीवनमें कुछ क्षण ऐसे होते हैं, जब उसकी बुद्धि निर्मल और सात्त्विक रहती है तथा उन क्षणोंमें किये हुए कार्यकलाप (कर्म) शुभ कामनाओंसे समन्वित एवं पुण्यवर्धन करनेवाले होते हैं, पर सामान्यतः काम-क्रोध, लोभ-मोह, मद-मात्सर्य, ईर्ष्या दम्भ, राग-द्वेष आदि दुर्गुणके वशीभूत मानवका अधिकतर समय पापाचरणमें ही व्यतीत हो पाता है, जिसे वह स्वयं भी नहीं समझ पाता। चौबीस घंटेके समयमें यदि हमने एक घंटेका समय भगवदाराधन अथवा परोपकारादि शुभ कार्योंके निमित्त अर्पित किया तो शुभ कार्यका पुण्य हमें अवश्य प्राप्त होगा। पर साथ ही तेईस घंटेका जो समय हमने अवैध अर्थात् अशास्त्रीय (निषिद्ध) भोग-विलासमें तथा उन भोग्य पदार्थोंके साधन-संचयमें लगाया तो उसका पाप भी अवश्य भोगना पड़ेगा। इसलिये जीवनका प्रत्येक क्षण भगवदाराधनके रूपमें परिणत हो जाय इसकी आवश्यकता है, जिससे मनुष्य अपने जीवनकालमें भगवत्संनिकटता प्राप्त कर सके और पूर्णरूपसे कल्याणका भागी बने। इसीलिये वेद शास्त्रों में प्रातःकाल जागरणसे लेकर रात्रि-शयनतक तथा जन्मसे लेकर मृत्यु-पर्यन्त सम्पूर्ण क्रिया-कलापोंका विवेचन विधि-निषेधके रूपमें हुआ है, जो मनुष्यके कर्तव्याकर्तव्य और...

हमने नित्य कर्म पूजा प्रकाश / Nitya Karma Puja Prakash PDF Book Free में डाउनलोड करने के लिए लिंक निचे दिया है , जहाँ से आप आसानी से PDF अपने मोबाइल और कंप्यूटर में Save कर सकते है। इस क़िताब का साइज 15 MB है और कुल पेजों की संख्या 382 है। इस PDF की भाषा हिंदी है। इस पुस्तक के लेखक   प. लालबिहारी मिश्रा / LalBihari Mishra   हैं। यह बिलकुल मुफ्त है और आपको इसे डाउनलोड करने के लिए कोई भी चार्ज नहीं देना होगा। यह किताब PDF में अच्छी quality में है जिससे आपको पढ़ने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। आशा करते है कि आपको हमारी यह कोशिश पसंद आएगी और आप अपने परिवार और दोस्तों के साथ नित्य कर्म पूजा प्रकाश / Nitya Karma Puja Prakash को जरूर शेयर करेंगे। धन्यवाद।।
Q. नित्य कर्म पूजा प्रकाश / Nitya Karma Puja Prakash किताब के लेखक कौन है?
Answer.   प. लालबिहारी मिश्रा / LalBihari Mishra  
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