सवाल ही जवाब है / Sawal Hi Jawab Hai PDF Download Free Hindi Book by Allen Pease

पुस्तक का विवरण (Description of Book) :-

नाम / Name 📥सवाल ही जवाब है / Sawal Hi Jawab Hai / Questions are Answers
Author 🖊️
आकार / Size 12.5 MB
कुल पृष्ठ / Pages 📖111
Last UpdatedMarch 13, 2022
भाषा / Language Hindi
Category

नेटवर्क मार्केटिंग व्यवसाय में सफल होने की सरल तकनीकें और अचूक नुस्खे बताने वाली पुस्तक। नेटवर्क मार्केटिंग में हाँ तक पहुँचने के मंत्र! नेटवर्क मार्केटिंग से जुड़े हर व्यक्‍ति के लिए बेहद लाभकारी।

पुस्तक का कुछ अंश

विषय-सूची
प्रस्तावना
खंड एक : पहला कदम
सफलता के पाँच स्वर्णिम नियम
नियम 1. ज्यादा लोगों से मिलें
नियम 2. ज़्यादा लोगों से मिलें
नियम 3. ज्यादा लोगों से मिलें
नियम 4. औसत के नियम का प्रयोग करें
अपने अनुपात का रिकॉर्ड रखें
9 डॉलर की पोकर मशीन
बड़ी सफलता कैसे पाएँ
नियम 5. अपना औसत सुधारें
नेटवर्किंग व्यवसाय में औसत
खंड दो : किस तरह हां तक पहुंचें
चार कुंजियों की तकनीक
लोग आपत्ति क्यों करते हैं ?
कुंजी 1. बर्फ पिघलाएं
कुंजी 2. सही बटन खोजें
लोग क्यों खरीदते हैं?
राँन क्यों शामिल नहीं हुआ?
जेन का गलत फैसला
प्राथमिक प्रेरणा घटक को किस तरह खोजें?
एंगी मिली रे और रुथ से
किस तरह ब्रूनो ने एक सख्त चने को फोड़ा
किस तरह दाँत के डॉक्टर का ऑपरेशन हुआ
ऐसा ग्राहक जिसकी प्राथमिकता ही न हो
मौन की शक्ति
भेड़ों को बकरियों से अलग कैसे करें?
समूह के साथ सूची का प्रयोग
कुंजी 3. सही बटन दबाएँ
योजना दिखाएँ
कुजी 4. सौदा पक्का करें
यह पद्धति काम क्यों करती है ?
खंड तीन : सशक्त प्रस्तुति के छह महत्वपूर्ण उपाय
उपाय 1. पुल बनाना सुनने की देहभाषा
उपाय 2. सिर हिलाने की तकनीक
उपाय 3. न्यूनतम प्रोत्साहक
उपाय 4. आँखों पर क़ाबू कैसे करें
उपाय 5. प्रतिरूपण
बंदर जो देखता है, वही करता है
अच्छा तालमेल बनाना
पुरुषों और महिलाओं के बीच प्रतिरूपण असमानताएँ
उपाय 6. गति निर्धारित करना
खंड चार : सकारात्मक प्रभाव डालने की छह सशक्त तकनीकें
तकनीक 1. हथेली की शक्ति
तकनीक 2. हाथ मिलाना हाथ मिलाकर तालमेल कैसे बनाया जाए हाथ ऐसे न मिलाएँ
तकनीक 3. बाएँ हाथ में सामान पकड़ना
तकनीक 4. मुस्कुराहट की ताक़त
तकनीक 5. क्षेत्रीय सम्मान एक बहुत संवेदनशील विषय
तकनीक 6. सफलता के लिए पोशाक
खंड पाँच : देहभाषा : संकेतों को किस तरह पढ़ें
पढ़ने के तीन नियम
नियम 1. संकेत समूह को पढ़ना
नियम 2. पृष्ठभूमि का विचार करें
नियम 3. सांस्कृतिक भिन्नताओं का ध्यान रखें महिलाएँ क्यों बेहतर समझ सकती हैं?
देहभाषा पढ़ना कैसे सीखें ?
देहभाषा की त्वरित मार्गदर्शिका
हाथ बाँधना
कारण और परिणाम की समस्याएँ
हाथ से चेहरे को छूना
सकारात्मक देह संकेत
1. सिर झुकाना
2. गाल पर हाथ रखना
3. चश्मे की नोक चूसना
4.सामने झुकना
5. मीनार
6. बाहर झाँकते अंगूठे
7. दोनों हाथ सिर के पीछे
नकारात्मक देह संकेत
1.आलोचनात्मक मूल्यांकन
2.काल्पनिक रोयाँ चुनना
3.काँलर खींचना
4.गर्दन में दर्द
5.मंद-मंद आँखें झपकाना
6.कुर्सी पर पैर रखना
7.कुर्सी पर पैर फैलाकर बैठना
8.धीमे-धीमे हाथ मलना
आखिरी शब्द
समापन
प्रस्तावना

ल्यूक और मिया
ल्यूक एक बिल्डर था। वह चाहता था कि उसका बिज़नेस सफल हो जाए। उसने ठान लिया था कि वह अमीर बनकर दिखाएगा। उसकी पत्नी मिया अकाउंटेंट थी और उसकी कपनी के ग्राहक उसे पसंद करते थे। एक दिन उनके पड़ोसी मार्टिन ने उन्हें अपने घर पर आयोजित एक बैठक में बुलाया। बैठक में उन्हें एक व्यावसायिक अवसर के बारे में जानकारी दी जाने वाली थी। मार्टिन ने हालाँकि उन्हें विस्तार से कुछ नहीं बताया था पर चूँकि बैठक कुछ ही दूरी पर होने वाली थी और वे लोग मार्टिन को पसंद करते थे इसलिए उन्होंने वहाँ जाने का फैसला किया। इसके अलावा उनके जाने के पीछे यह कारण भी था कि इसी बहाने कई नए पड़ोसियों से भी मुलाक़ात हो जाएगी।
जैसे-जैसे बैठक की कार्यवाही आगे बढ़ी, ल्यूक और मिया के आश्चर्य का पारा भी चढ़ता गया। उन्हें अपनी आँखों और कानों पर विश्वास ही नहीं हो रहा था। उन्हें एक नेटवर्क मार्केटिंग योजना के बारे में बताया जा रहा था जिसे अपनाने से उन्हें आर्थिक स्वतंत्रता मिलना तो तय था, साथ ही वे बेहद अमीर भी बन सकते थे। वे कुछ समय तक दिन-रात इसी योजना के बारे में बातें करते रहे। उन्होंने जल्द ही शुरुआत करने का फैसला किया क्योंकि उनकी सोच यह थी, ''निश्चित ही, जिसने भी हमारी तरह यह योजना समझी है, वह हर व्यक्ति इसमें शामिल होना चाहेगा।”
परंतु यह उतना आसान नहीं था जितना उन्होंने सोचा था। हर व्यक्ति योजना के बारे में उनके जितना उत्साहित नहीं था। कुछ लोग तो योजना के बारे में जानकारी लेने के लिए आयोजित बैठकों में भाग लेने के लिए आए ही नहीं। यहाँ तक कि उनके कई क़रीबी दोस्तों ने भी उन्हें अपॉइंटमेंट देने से इंकार कर दिया। इसके बावजूद, वे धीरे-धीरे एक सफल व्यवसाय बनाने में कामयाब हुए। लेकिन यह सब उतनी तेज़ी से नहीं हुआ, जितनी उन्हें उम्मीद थी।
ल्यूक ने मिया से कहा, "अभी तो हम लोगों को अपनी योजना में शामिल करने के लिए लगातार प्रेरित कर रहे हैं। कल्पना करो कि हमारी जगह यही लोग हमें यह बता सकते कि वे नेटवर्क मार्केटिंग में क्यों शामिल होना चाहते हैं? काश ऐसा कोई रास्ता होता!"
ऐसा रास्ता है- और यह पुस्तक आपको वही रास्ता दिखाएगी।
नेटवर्क मार्केटिंग में शामिल होते समय अधिकतर लोगों की सबसे बड़ा डर यह होता है कि उन्हें ऊँचाई पर पहुँचने के लिए अधिक सफल सेल्समैन बनना पड़ेगा। हमारा उद्देश्य इसी डर को दूर करना है। इस पुस्तक में एक सरल पद्धति बताई गई है जो आपको वह रास्ता दिखाएगी जिससे आप नए लोगों को अधिक सरलता से शामिल कर सकेंगे। इसमें कोई दाँव-पेंच या छल-कपट नहीं है। इसमें कुछ तकनीकें हैं, कुछ सिद्धांत हैं जो निश्चित रूप से काम करेंगे- बशर्ते कि आप काम करें।
मैंने यह पुस्तक क्यों लिखी?
जब मैं पहली बार 1980 में नेटवर्क मार्केटिंग से परिचित हुआ तो मैं आश्चर्यचकित था कि इसमें सफल होने की कितनी संभावनाएँ और कितने अवसर थे जो सरल थे, क़ानूनी थे, नैतिक थे, आनंददायी और अमीर बनाने वाले थे। और यह कोई 'फटाफट अमीर बनने की स्कीम' नहीं थी- यह तो 'अमीर बनने की एक पद्धति' थी।
इससे दस साल पहले मैं सूचना संप्रेषण और विक्रय तकनीकों के संबंध में विकास और शोध करने में जुटा हुआ था जिनके द्वारा किसी भी बड़ी कंपनी की आमदनी को कई गुना बढ़ाया जा सकता था और लोग लखपति बन सकते थे। मैंने सोचा, ‘वाह! यदि मैं इन अत्यधिक सफल तकनीकों का प्रयोग नेटवर्क मार्केटिंग में कर सकूं तो आशातीत परिणाम प्राप्त हाँगे।'
यह पुस्तक नेटवर्क मार्केटिंग में उन तकनीकों को अपनाने, संशोधित करने, परीक्षित करने और प्रयुक्त करने का परिणाम है। आप पाएँगे कि इन तकनीकों को सीखना बहुत सरल है और इन्हें अपनाकर आप सफलता की उस राह पर सरलता से चल सकते हैं जिस पर आज आप ही की तरह हज़ारों लोग चल रहे हैं।
और इसके बारे में खास बात यह है कि आपने आज तक जो भी सीखा है उसमें ज़रा भी बदलाव लाने की आवश्यकता नहीं है। लगभग दो घंटे तक पढ़ने और निष्ठापूर्वक अभ्यास करने से आप अपने बिज़नेस को इतना बढ़ा सकते हैं कि आप खुद ही हैरान हो जाएँगे।
वादा
इस पद्धति के साथ मेरी ओर से वादा भी है जो आप इस पुस्तक में पाएँगे।
अगर आप इस तकनीक को दिल में उतार लें और पहले 14 दिनों तक एक भी शब्द न बदलें तो मैं वादा करता हूँ कि आपको कल्पनातीत परिणाम प्राप्त होंगे।
यह बहुत बड़ा, पक्का वादा है, है ना! पर आप यह न भूलें कि यह हम दोनों के बीच हुआ समझौता है- मैं आपसे बदले में यह वचन लेना चाहता हूँ कि आप अभ्यास करेंगे, अभ्यास करेंगे, अभ्यास करेंगे जब तक आप इन शब्दों की नींद में न दोहराने लगें। अगर, मगर, हो सकता है- इस तरह के बहानों को छोड़ दें और इस तकनीक को पूरी ईमानदारी और लगन से आत्मसात करने में जुट जाएँ। इस तरीके से यह तकनीक स्थाई रूप से आपकी हो जाएगी। मैं कई व्यावसायिक कपनियों में सलाहकार या भागीदार रह चुका हूँ और यह तकनीक अपनाकर उन्होंने लाखों-करोड़ों डॉलर कमाए हैं, हज़ारों नए सदस्यों को अपनी कपनी से जोड़ा है और अपनी आमदनी को 20 प्रतिशत, 50 प्रतिशत, 1oo प्रतिशत, 5oo प्रतिशत और 1, ooo प्रतिशत तक बढ़ाया है। यह अतिशयोक्तिपूर्ण दावा नहीं है। जो भी आप यहाँ सीखेंगे, वह आपकी ज़िदगी बदलकर रख देगा पर इसके लिए आपको इस पद्धति को पूरी तरह से अपनाना होगा। अगर आप सहमत हों तो ज़ोर से और अभी ‘हाँ’ कहें।
अगर आपने ज़ोर से ‘हाँ’ नहीं कहा तो इस अध्याय को फिर से पढ़ना शुरू करें।
टिप्पणी : पुस्तक में जहाँ भी पुरुषवाचक शब्दों का प्रयोग किया गया है वह पुरुषों व महिलाओं दोनों के लिए हैं। अगर लिंग-भिन्नता के अनुसार व्यवहार बदलते हैं तो इसका पृथक उल्लेख किया जाएगा।
आपकी प्रस्तुति दमदार कैसे बन सकती है?
किस तरह से मिलने का समय लिया जाए और किस तरह से अपनी व्यावसायिक योजना प्रस्तुत की जाए- इन विषयों पर कई अच्छी पुस्तकें और टेप उपलब्ध हैं इसलिए इस पुस्तक में इन विषयों पर अधिक विस्तार से नहीं लिखा गया है। यह पुस्तक आपको बताएगी कि आपको क्या करना है, क्या कहना है और किस तरह से कहना है ताकि आमने-सामने की चर्चा में हाँ सुनने के आपको अधिक अवसर मिल सकें।
यहाँ दी गई जानकारी का उद्देश्य यह है कि आपकी प्रस्तुति दमदार बनाई जाए और आपके वर्तमान ज्ञान में बिना किसी परिवर्तन के ऐसा किया जाए। इसी कारण इस पुस्तक में सबसे अधिक ज़ोर दूसरी कुंजी सही बटन खोजों पर दिया गया है।
काम आने वाली तकनीकों को न बदलें- उन्हें दमदार बनाएँ।
- एलन पीज़
खंड एक
पहला क़दम

जीवन की अधिकतर वस्तुओं की तरह बहुत से लोग इस खंड के आरंभ में दिए गए चित्र को देखकर इसका स्पष्ट अर्थ समझ पाते हैं। अप्रशिक्षित आँख के लिए यह असंबद्ध रेखाओं की सिर्फ़ एक श्रृंखला है जिसका कोई अर्थ नहीं निकलता। पर जब आप रेखाओं या लाइनों के बीच में पढ़ने की कला सीख लेंगे तो आप महसूस करेंगे कि आपको इसका अर्थ जानने के लिए अपने दृष्टिकोण को थोड़ा सा बदलना पड़ेगा। और इस पुस्तक के माध्यम से हम आपको यही करना सिखाना चाहते हैं। (इस पृष्ठ को थोड़ा सा झुकाकर न्यून कोण बनाएँ और अपने से थोड़ा दूर रखकर एक आँख बंद करके इसे ध्यान से देखें।)
सफलता के पाँच स्वर्णिम नियम
ग्यारह साल की कम उम्र में मुझे मेरा पहला काम सौंपा गया। मेरे स्काउट टूप के लिए एक हॉल बनने वाला था। इसके लिए पैसे जुटाने के उद्देश्य से मुझे घरेलू काम में आने वाले स्पंज बेचने का काम दिया गया। स्काउट मास्टर एक वृद्ध और समझदार व्यक्ति थे और उन्होंने मुझे एक रहस्य बताया जिसे मैं परिणाम का नियम कहना चाहूँगा। मैं इस नियम के अनुसार जीवन भर चला हूँ और मैं यह निश्चित रूप से कह सकता हूँ कि जो भी इसका अभ्यास करेगा और इसके अनुसार चलेगा वह अंततः अवश्य ही सफल होगा। मैं आपको यह नियम उसी तरह बताऊँगा जिस तरह यह मुझे बताया गया था, 'सफलता एक खेल है- आप जितनी अधिक बार इसे खेलेंगे उतनी ही अधिक बार जीतेंगे और जितनी अधिक बार आप जीतेंगे, उतनी ही अधिक सफलता से आप इसे खेल सकेंगे।'
इस नियम को नेटवर्किंग में अपनाएँ
अगर आप ज़्यादा लोगों को अपनी योजना में शामिल होने का आमंत्रण देंगे तो ज़्यादा लोग आपके साथ शामिल होंगे। जितनी अधिक बार आप उन्हें शामिल होने का आमंत्रण देंगे, आप आमंत्रण देने की अपनी कला को उतना ही निखारते जाएँगे और पहले से बेहतर बनाते जाएँगे। दूसरे शब्दों में, आपको अधिक से अधिक लोगों को अपने साथ जुड़ने का आमंत्रण देना है।
नियम 1 : ज्यादा लोगों से मिलें
यह सबसे महत्वपूर्ण नियम है। जिसके पास भी सुनने की फुरसत हो, उससे बातें करना शुरू कर दें। इस मामले में घमंडी या बहानेबाज़ न बनें जो अच्छे संभावित ग्राहकों को छाँटकर नकारने का प्रयास करता हो। अगर संभावित ग्राहकों की सूची पर नज़र दौड़ाते वक्त आप यह सोचने लगें ...ये ज़्यादा उम्र वाले हैं, ...ये ज़्यादा युवा हैं, ...ये ज़्यादा अमीर हैं, ...ये ज्यादा गरेब हैं, ...ये ज्यादा दूर रहते हैं, ...ये ज्यादा स्मार्ट हैं आदि-आदि, तो समझ लें कि आप असफलता के मार्ग पर जा रहे हैं। अपने बिज़नेस को जमाने के शुरुआती दौर में आपको हर एक से बात करने की ज़रूरत है क्योंकि आपको अभ्यास की ज़रूरत है। जब आप अपने व्यवसाय के बारे में हर एक से बात करते हैं, तो औसत का नियम यह सुनिश्चित करता है कि आप सफल होंगे, सवाल सिर्फ़ यह रह जाता है कि आप कितने सफल होंगे। आपके बिज़नेस में ऐसी कोई समस्या नहीं है, जो आपकी गतिविधि या सक्रियता में वृद्धि से न सुलझ सके। अगर आप अपनी ज़िदगी की दिशा के बारे में चिंतित हों, तो बस, आप अपनी प्रस्तुतियों की संख्या को दोगुना कर दें। अगर आपका व्यवसाय उतनी तेज़ी से नहीं बढ़ रहा है जितना आप चाहते हैं तो आप कुछ न करें, सिर्फ़ अपनी सक्रियता बढ़ा दें। बढ़ी हुई सक्रियता आपकी अधिकतर चिंताओं का अचूक इलाज है। हर किसी से बात करें। यह पहला नियम है।
नियम 2 : ज्यादा लोगों से मिलें
लोगों को फ़ोन करते रहें। हो सकता है कि आप शहर के सबसे बढ़िया प्रस्तुतकर्ता हों पर अगर आप पर्याप्त संभावित ग्राहकों से नहीं मिलते हैं तो आप अपने बिज़नेस में ज़्यादा सफल नहीं हो सकते। हो सकता है कि आपकी वेशभूषा बढ़िया हो और आपका व्यक्तित्व सराहनीय हो लेकिन अगर आपकी प्रस्तुतियों की संख्या ज़्यादा नहीं है तो आपका प्रदर्शन सामान्य ही रहेगा। इसलिए हर एक से मिलें, हर एक से बात करें।
नियम 3 : ज्यादा लोगों से मिलें
नेटवर्क में मौजूद अधिकतर लोग इस बिज़नेस में केवल ढरें पर ही चलते रहते हैं और अपनी पूरी क्षमता का दोहन नहीं कर पाते। वे सोचते हैं कि ऐसा उन संभावित ग्राहकों के कारण होता है जिन्हें वे राज़ी नहीं कर पाते। पर यह सच नहीं है- सच तो यह है कि ऐसा उन संभावित ग्राहकों के कारण होता है जिनसे वे मिल नहीं पाते।
आप लगातार लोगों से मिलकर अपनी बात करते रहें। अगर आप इन पहले तीन नियमों के अनुसार चलेंगे तो इसमें ज़रा भी संदेह नहीं है कि आप आशातीत सफलता प्राप्त कर लेंगे।
नियम 4 : औसत के नियम का प्रयोग करें
औसत का नियम जीवन के हर क्षेत्र में सफलता दिलाता है। इसका मतलब है कि अगर आप किसी काम को बार-बार एक ही ढंग से करते हैं और परिस्थितियाँ समान रहती हैं तो आपको मिलने वाले परिणाम भी हमेशा एक से ही होंगे।
उदाहरण के तौर पर, एक डॉलर की पोकर मशीन का औसत भुगतान लगभग 10:1 होता है। अगर आप दस बार बटन दबाते हैं तो आप कुल मिलाकर 60 सेंट से लेकर 20 डॉलर के बीच की रकम जीतते हैं। 20 डॉलर की जीत के आपके अवसर 118:1 हैं। इसमें किसी दक्षता या कुशलता की ज़रूरत नहीं है। मशीनों को तैयार ही इस तरह से किया गया है कि वे औसत या प्रतिशत के हिसाब से भुगतान करें।
बीमा व्यवसाय में मैंने 1:56 के औसत की खोज की। इसका मतलब था कि अगर मैं सड़कों पर जाकर यह नकारात्मक सवाल पूछें, 'क्या आप अपने जीवन का बीमा नहीं कराना चाहते ?'- तो 56 में से एक व्यक्ति मुझसे बीमा कराने के लिए तैयार हो जाएगा। इसका अर्थ यह है कि अगर मैं एक दिन में 168 बार यही सवाल करूं तो मैं दिन में तीन बार सफल हो सकता हूँ और विक्रयकर्ताओं की चोटी के 5 प्रतिशत लोगों में जगह बना सकता हूँ।
अगर मैं किसी सड़क के कोने पर खड़ा होकर हर आने-जाने वाले से यह कहूँ, 'क्या आप नेटवर्किंग बिज़नेस में मेरे साथ शामिल होना चाहेंगे?' तो औसत का नियम निश्चित रूप से आपको परिणाम देगा। शायद 1:100 का जवाब ‘हाँ’ होगा। याद रखें, औसत का नियम हमेशा काम करता है।
जब मैं छोटा बच्चा था और घर-घर जाकर 20 सेंट में घरेलू स्पंज बेचता था तो मेरा औसत था :
10 : 7 : 4 : 2
मैं शाम 4 बजे से 6 बजे तक जिन 10 दरवाज़ों को खटखटाता था उनमें से 7 दरवाज़े ही खुलते थे। उनमें से भी केवल चार लोग ही मेरी प्रस्तुति सुनते थे और मात्र दो लोग ही स्पंज खरीदते थे। इस तरह से मैं 40 सेंट कमा लेता था जो 1962 में अच्छी-खासी रकम थीखासकर एक ग्यारह वर्षोंय लड़के के लिए। मैं एक घंटे में आराम से 30 दरवाज़ों को खटखटा सकता था और इस तरह दो घंटे की अवधि में मैं 12 स्पंज बेच लेता था जो 2.40 डॉलर के बराबर रक़म थी। चूँकि मैं जान चुका था कि औसत का नियम किस तरह काम करता है इसलिए मुझे उन तीन दरवाज़ों की चिंता कभी नहीं हुई जो नहीं खुले, न ही उन तीन लोगों के बारे में चिंता हुई जिन्होंने मेरी बात नहीं सुनी, न ही उन दो लोगों के बारे में चिंता हुई जिन्होंने मेरा सामान नहीं खरीदा। मैं तो बस इतना जानता था कि अगर मैं दस दरवाज़ों पर दस्तक दूँगा तो मैं 40 सेंट कमा लूंगा। इसका मतलब यह था कि हर बार जब मैं दरवाज़े पर दस्तक दूँगा तो मैं 4 सेंट कमाऊँगा इसके बाद चाहे जो भी हो।

हमने सवाल ही जवाब है / Sawal Hi Jawab Hai / Questions are Answers PDF Book Free में डाउनलोड करने के लिए लिंक निचे दिया है , जहाँ से आप आसानी से PDF अपने मोबाइल और कंप्यूटर में Save कर सकते है। इस क़िताब का साइज 12.5 MB है और कुल पेजों की संख्या 111 है। इस PDF की भाषा हिंदी है। इस पुस्तक के लेखक   ऐलन पीज़ / Allen Pease     बारबरा पीज़ / Barbara Pease   हैं। यह बिलकुल मुफ्त है और आपको इसे डाउनलोड करने के लिए कोई भी चार्ज नहीं देना होगा। यह किताब PDF में अच्छी quality में है जिससे आपको पढ़ने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। आशा करते है कि आपको हमारी यह कोशिश पसंद आएगी और आप अपने परिवार और दोस्तों के साथ सवाल ही जवाब है / Sawal Hi Jawab Hai / Questions are Answers को जरूर शेयर करेंगे। धन्यवाद।।
Q. सवाल ही जवाब है / Sawal Hi Jawab Hai / Questions are Answers किताब के लेखक कौन है?
Answer.   ऐलन पीज़ / Allen Pease     बारबरा पीज़ / Barbara Pease  
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