आओ नैनीताल चलें : यात्रा वृत्तांत / Aao Nainitaal Chale

गद्य साहित्य की विविध विधाओं में ‘यात्रा-वृत्त’ का अपना ही महत्व है। ‘अज्ञेय’ जी की काव्यात्मक गद्य भाषा में जब उन के यात्रा-वर्णन प्रकाशित हो रहे थे, तब इस विधा-विशेष ने ध्यान आकर्षित किया था। रांगेय राघव ने बंगाल के अकाल पर गद्य-विधा में यात्रा-वृत्त, डायरी तथा रिपोर्ताज को मिला कर एक नया रूप प्रस्तुत किया था। प्रकृति के प्रति

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