कौन रोएगा आपकी मृत्यु पर | Who Will Cry When You Die PDF Download Free in Hindi By Robin Sharma

पुस्तक का विवरण (Description of Book) :-

नाम / Name 📥कौन रोएगा आपकी मृत्यु पर PDF | Who Will Cry When You Die
लेखक / Author 🖊️
आकार / Size 1.1 MB
कुल पृष्ठ / Pages 📖156
Last UpdatedSeptember 26, 2022
भाषा / Language Hindi
श्रेणी / Category,

कौन रोएगा आपकी मृत्यु पर? यह पुस्तक जिसने हजारों लोगों के जीवन को बदल दिया है। यह मार्गदर्शक प्रकाश होगा जो आपको एक ऐसे मार्ग पर ले जाता है जो आपको जीने के एक नए तरीके की खोज की यात्रा पर ले जाता है। यह आसानी से पढ़ा जाने वाला लेकिन ज्ञान से भरपूर मैनुअल रॉबिन एस शर्मा की पेशकश है जो आपको जीवन की सबसे जटिल समस्याओं के 101 सरल समाधान देता है। यह तनाव और चिंता को दूर करने के लिए एक अल्पज्ञात तरीके से लेकर यात्रा का आनंद लेने के लिए एक शक्तिशाली तरीके से लेकर हर पहलू को शामिल करता है, जबकि आप एक विरासत बनाते हैं। जब दुनिया बड़ी भौतिकवादी चीजों की तलाश में व्यस्त होती है, तो हम सच्ची खोज से चूक जाते हैं। जब हम सांसारिक लाभ के पीछे भागते हैं, तो हम वास्तविक सुख और शांति से भी दूर भागते हैं। पाठकों को उनकी आत्माओं की आवाज के साथ आंतरिक शांति की खोज में जीवन बदलने वाली यात्रा पर ले जाना, यह पुस्तक एक स्वयं सहायता पुस्तक है जो जीवन को और अधिक फायदेमंद बनाने के तरीके प्रदान करती है। अपने पहले उपन्यास द मॉन्क हू सोल्ड हिज़ फेरारी की अपार सफलता के बाद, रॉबिन शर्मा ने दुनिया भर के पाठकों के जीवन को बदलने के प्रयास में इस पुस्तक को लिखा है। उन तरीकों से जो पाठकों को जीवन को एक गिलास-आधा-पूर्ण दृष्टि से देखने में मदद कर सकते हैं, ये तरीके जीवन को काफी संतुष्टिदायक बनाने में सफल हो सकते हैं। इस पुस्तक में विभिन्न अध्यायों के माध्यम से सोच को बदलने और अनिवार्य रूप से उनके जीवन के बारे में चरण-दर-चरण निर्देशों का वर्णन किया गया है। हालांकि सरल तरीके से लिखा गया है, किताब का ज्ञान अमूल्य है।

पुस्तक का कुछ अंश

जब मैं बड़ा हो रहा था तो मेरे पिता ने मुझसे कुछ ऐसा कहा जो मैं कभी नहीं भूल सकता, "बेटा तुम जब पैदा हुए तो तुम रोए जबकी पूरी दुनिया ने जश्न मनाया। अपना जीवन ऐसे जियो कि तुम्हारी मौत पर पूरी दुनिया रोए जबकि तुम जश्न मनाओ।" हम उस काल में जी रहे हैं जहाँ हम जीवन का अर्थ भूल गए हैं। हम बहुत आसानी से इन्सान को चन्द्रमा पर भेज रहे हैं पर हमारे लिए सड़क पार करके अपने पड़ोसी से मिलना मुश्किल हो रहा है। हम एक बारूदी मिसाइल को बिना किसी चूक के दुनिया के आर-पार दाग सकते हैं परन्तु अपने बच्चों को पुस्तकालय ले जाने का समय निकालने से चूक जाते हैं। हमारे पास ई-मेल, फैक्स मशीन और डिजिटल फोन जैसे साधन हैं जिनके द्वारा हम बहुत आसानी से जुड़े रह सकते हैं फिर भी हम उस वक्त में रह रहे हैं जिसमें हम आपस में सबसे कम जुड़े हुए हैं। हमने अपनी मानवता को खो दिया है। हम अपने जीवन का उद्देश्य भूल गए हैं। हमने जीवन की सबसे अहम बातों को विस्मृत कर दिया है।
और अब जब आप यह पुस्तक पढ़ने जा रहे है मैं आदरपूर्वक आपसे पूछना चाहूंगा कि ऐसा कौन है जो आपकी मौत के बाद रोने वाला है। आप कितने जीवनों पर अपनी छाप डालेंगे जबकि आपको इस ग्रह पर चलने का मौका मिला है। आने वाली पीढ़ियों पर आपके जीवन का क्या असर होगा। और आपने अपने अन्तिम पड़ाव से पहले क्या धरोहर छोड़ी। एक सीख जो मैंने अपने जीवन से ली है वह यह है कि अगर हम अपने जीवन का नियन्त्रण अपने हाथ में नहीं लेते हैं तो जीवन हमें नियन्त्रित करने लगता है। दिन हफ्तों में बीत जाते हैं हफ्ते महीनों में और महीने सालों में सब कुछ इतना जल्दी खत्म हो जाता है कि हम सिर्फ जीवन को पूर्णता के साथ न जी पाने का अफ़सोस करते रह जाते हैं। जार्ज बर्नाड शॉ की मृत्यु-शैय्या पर उनसे पूछा गया, "अगर आपको यह जीवन दोबारा जीने का मौका दिया जाए तो आप क्या करेंगे?" उन्होंने एक लम्बी सांस लेकर कहा, "मैं वह इन्सान बनना चाहूंगा जो मैं बन सकता था परन्तु नहीं बना।" आपके साथ भी ऐसा न हो इसलिए मैं यह किताब लिख रहा हूं।

मेरा उत्तर हमेशा इसी तरह शुरु होता है: अपना लक्ष्य ढूंढिये। मुझे विश्वास है कि सबमें विशिष्ट गुण होते हैं जो इस इन्तजार में रहते हैं कि उनको किसी उचित उद्देश्य में उपयोग किया जाए। हम सब यहाँ किसी अनूठे लक्ष्य के लिए हैं, एक ऐसा महान उद्देश्य जो हमें अपनी मानवता के सर्वोच्च गुणों को उजागर करने में मदद दे सके और साथ ही हमारे आस पास के लोगों के जीवन में कुछ अर्थ जोड़ सके। अपने लक्ष्य को खोजने का यह मतलब नहीं है कि आप वर्तमान के कार्य को छोड़ दें। इसका अत्यन्त सरल मायने है कि आपको अपने काम में उन चीजों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए जो आप सबसे बढ़िया तरीके से कर सकें और अपनी छाप छोड़ सकें। इसका मतलब है कि आपको जिस परिवर्तन की आशा है उसे वास्तविक रूप देने के लिए दूसरे लोंगो की प्रतिक्षा न करें और जैसा कि महात्मा गांधी ने कहा था “उस बदलाव को स्वयं लाने की कोशिश करिए जो दुनिया में देखना चाहते हैं।" और जैसे ही आप यह करेंगे जीवन बदल जाएगा।
अपनी दयालुता को अजनबियों पर प्रकट करने के लिए आपको अधिक सृजनात्मक होने की आवश्यकता है। आपके पीछे वाली कार की चुंगी का भुगतान अदा करना, पगडन्डी पर चलने वाले किसी असहाय को अपनी जगह दान कर देना और दूसरों से पहले उनका अभिवादन करना जैसे कई बढ़िया तरीके हैं जिनसे शुरुआत की जा सकती है। हाल ही में 'दि मंक हू सोल्ड हिज़ फ़रारी' की एक पाठिका ने मुझे वाशिंगटन स्टेट से एक पत्र लिखा। उसने लिखा था, “मेरा उसूल है कि मैं अपनी कमाई का दसवां हिस्सा उन लोगों के साथ बांटती हूं जिन्होंने मेरे अध्यात्मिक पथ पर मेरी मदद की है। कृपया 100 डॉलर के इस चेक को मेरी शुभकामनाओं और आर्शीवाद के साथ स्वीकार करें।" मैंने तुरन्त उनकी उदारता के बदले में अपने एक कार्यक्रम का ऑडियो टेप उत्तर स्वरुप भेज दिया जिससे उन्हें अपनी भेजी हुई भेंट का उपयुक्त मूल्य प्राप्त हो जाए। उनकी यह भावना दयालुता और निष्कपट स्वभाव की महत्ता की शिक्षा देती है।

दैनिक कार्यकारिणी और दैनन्दिनी में फर्क होता है। दैनन्दिनी में आप घटनाओं का विवरण लिखते हैं और दैनिक सारिणी में आप घटनाओं का विश्लेषण करके उनका मूल्यांकन करते हैं। रोजनामचा आपको यह सोचने के लिए प्रेरित करता है कि आप क्या करने जा रहे हैं क्यों करने जा रहे हैं और जो आप कर चुके हैं उससे आपने क्या सीखा है। दैनिक सारिणी में लिखना आपके आत्म विकास और विवेक को शिक्षा देता है जिससे आप अपने अतीत के अनुभवों का अपने बेहतर भविष्य के निर्माण में सदुपयोग कर सकें। चिकित्सा विभाग के शोधकर्ताओं ने यह पाया है कि एक निजी रोज़नामचे में 15 मिनट भी प्रतिदिन लिखना आपके स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, आपके शरीर की रोगों से लड़ने की शक्ति और अभिवृत्ति को बरकरार रखता है। याद रखिए कि अगर आपकी ज़िंदगी विचार करने के काबिल है तो वह लिखने के काबिल भी है।
एक ईमानदारी के तत्वज्ञान का विकास करने के लिए आपको उन झूठों का हिसाब रखना शुरु कर देना चाहिए जो आप एक हफ्ते के समय में बोलते हैं। आप अगले सात दिनों के लिए सत्य का व्रत रखिए और कसम खाइए के दूसरों के साथ अपने कारोबार में आप सत्य का पालन करेंगें और साथ ही खुद के साथ भी ईमानदार रहेंगे। हर बार जब आप सही काम करने से चूक जाते हैं तो आप अपने गलत काम करने की आदत को बढ़ावा देते हैं। हर बार जब आप सच नहीं बोलते हैं तो आप झूठ बोलने को बढ़ावा देते हैं। अपना दिया हुआ वादा अवश्य पूरा करिए। अपनी बात पर अटल रहने वाला व्यक्ति बनिए न कि सिर्फ 'बातें और कार्य नहीं' जैसा कि मदर टेरेसा ने कहा है, "बातचीत कम होनी चाहिए, उपदेश देने और समाजिक मेल-जोल का एक ही स्थान नहीं हो सकता।" फिर आप क्या करें? एक झाड़ू उठाइए और किसी का घर साफ करिए। वही अपने आप में एक अच्छी शुरुआत है।


एकान्त का अनुभव अगर दिन में कुछ मिनट के लिए भी किया जाए तो वह आपको अपना ध्यान अपने जीवन की सर्वोच्च प्रधानताओं पर केन्द्रित करने में मदद करेगा जिससे हम जीवन के किसी भी काम में असावधानी न बरतें। और यह कहना कि आपके पास नियमित रुप से एकान्त में बैठने का समय नहीं है तो वह यह कहने के समान है कि आप गाड़ी चलाने में इसलिए व्यस्त हैं क्योंकि आपको गैस भरवानी है, आखिर में यह आप पर हावी हो जाएगा। हमने कौन रोएगा आपकी मृत्यु पर PDF | Who Will Cry When You Die PDF Book Free में डाउनलोड करने के लिए लिंक निचे दिया है , जहाँ से आप आसानी से PDF अपने मोबाइल और कंप्यूटर में Save कर सकते है। इस क़िताब का साइज 1.1 MB है और कुल पेजों की संख्या 156 है। इस PDF की भाषा हिंदी है। इस पुस्तक के लेखक   रोबिन शर्मा / Robin Sharma   हैं। यह बिलकुल मुफ्त है और आपको इसे डाउनलोड करने के लिए कोई भी चार्ज नहीं देना होगा। यह किताब PDF में अच्छी quality में है जिससे आपको पढ़ने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। आशा करते है कि आपको हमारी यह कोशिश पसंद आएगी और आप अपने परिवार और दोस्तों के साथ कौन रोएगा आपकी मृत्यु पर PDF | Who Will Cry When You Die को जरूर शेयर करेंगे। धन्यवाद।।
Q. कौन रोएगा आपकी मृत्यु पर PDF | Who Will Cry When You Die किताब के लेखक कौन है?
Answer.   रोबिन शर्मा / Robin Sharma  
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